आपके साहसिक कार्यों से मुझे भी प्रेरणा मिलती है: मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता 49 बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आपके साहसिक कार्यों से मुझे भी प्रेरणा मिलती है। मैं आपनी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर करूंगा। पीएम मोदी ने कहा कि थोड़ी देर पहले आप सभी का परिचय जब हो रहा था, तो मैं सच में हैरान था। इतनी कम आयु में जिस प्रकार आप सभी ने अलग-अलग क्षेत्रों में जो प्रयास किए, जो काम किया है, वो अदभुत है। उन्होंने कहा कि इतनी कम आयु में जिस प्रकार आप सभी ने अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ करके दिखाया है, उसके बाद आपको और कुछ अच्छा करने की इच्छा होगी। एक प्रकार से ये जिंदगी की शुरुआत है। आपने मुश्किल परिस्थितियों में साहस दिखाया, किसी ने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां प्राप्त की हैं।
पीएम ने कहा कि मैंने लाल किले से कहा था कि कर्तव्य पर बल। ज्यादातर हम अधिकार पर बल देते हैं। आप अपने समाज के प्रति, राष्ट्र के प्रति अपनी ड्यूटी के लिए जिस प्रकार से जागरूक हैं, ये देखकर गर्व होता है। आप सब कहने को तो बहुत छोटी आयु के हैं, लेकिन आपने जो काम किया है उसको करने की बात तो छोड़ दीजिए, उसे सोचने में भी बड़े-बड़े लोगों के पसीने छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि आप युवा साथियों के साहसिक कार्यों के बार में जब भी मैं सुनता हूं तो मुझे भी प्रेरणा मिलती है। आप जैसे बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए ही इन राष्ट्रीय पुरस्कारों का दायरा बढ़ाया गया है। बच्चों को मोदी ने सुनाए कुछ किस्से पीएम मोदी ने बच्चों से पूछा कि आप में से कौन हैं जिनको दिन में चार बार पसीना आता है, भरपूर पसीना आता है. ऐसे कितने हैं. एक भी बालक ऐसा नहीं होना चाहिए कि जिसको दिन में चार बार पसीना नहीं आए। मुझे किसी ने पूछा था आपके चेहरे पर इतना तेज क्यों है, मैंने जवाब दिया था कि मेरे शरीर में इतना पसीना निकलता है कि मैं उसी से चेहरे पर मालिश करता हूं इसलिए चेहरा चमक जाता है। पीएम मोदी ने बच्चों से पूछा आप में से कितने लोग है जो पानी पीते हैं खड़े-खड़े पीते हैं बैठ कर के नहीं पीते हैं, देखिए पानी जब पीते हैं तो बैठकर पीजिए। अच्छा आप में से कितने हैं जो पानी दवाई की तरह पीते हैं, कितने हैं जो पानी का मजा लेते हुए पीते हैं। पानी का टेस्ट होता है जो शरीर को बहुत फयदा करता है, आप उसका मजा लीजिए। आप कहेंगे कि क्या फयदा? मां तो कह रही है कि पढ़ाई करो और मैं पांच मिनट तक पानी पी रहा हूं, तो झगड़ा हो जाएगा। कभी-कभी मां दूध लेकर के आती है मां को काम है, टीवी सीरियल चल रहा है तो मां कहती है चल जल्दी दूध पी ले और आप भी दवा की तरह पी जाते हैं।